Monday, March 29, 2010

Dil to Bachcha Hai Jee

बस या ट्रेन की खिडकियों से जब खेतों की ओर नज़र जाती है तो वो बचपन अनायास ही याद हो आती है। बीबी और बच्चो पर नज़र पड़ते ही थोडा मायुश भी होता हूँ। उनकी जिम्मेवारी मुझे शायद व्यस्क बना दे मगर दिल तो फिर भी गा ही उठता है .....दिल तो बच्चा है जी ......